श्री शीतलनाथ जैन मंदिर
Wednesday, 26 May 2021
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तेरे एहसान का बदला
ऐसा दो वरदान के
बाजी बाजी रे
यह तो सच है कि नवकार में
शीतल है तुं मुझे
जब जब दिल ये
सेवा पूजा कर नहीं
किसने सजाया तेरा
दुनिया से मैं हरा
बिलकुल बगल में मकान
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